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Saturday, September 21, 2019

motivational posters and story _Self motivation

आंतरिक प्रेरणा 

Motivation-story
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एक लड़का फुटबॉल खेलने की प्रेक्टिस करने लगातार आता था लेकिन वह कभी टीम में शामिल नहीं हो सका

जब वह प्रैक्टिस करता तो उसके पिताजी मैदान के किनारे बैठ कर उसका इंतजार करते रहते थे मैच  शुरू हो गए तो वह लगातार  4 दिन तक प्रैक्टिस करने नहीं आया

वह क्वार्टर फाइनल सेमीफाइनल के दौरान भी नहीं दिखा लेकिन वह लड़का फाइनल मेंच  के दिन आया और उसने कोच के पास जाकर कहा आपने मुझे आपने हमेशा रिजर्व खिलाड़ियों में रखा है

और आप ने मुझे कभी टीम में खेलने नहीं दिया लेकिन कृपा करके आज मुझे खेलने दें उसने कहा बेटा मुझे दुख है मैं तुम्हें यह मौका नहीं दे पा सकता

लेकिन टीम में तुमसे भी अच्छे खिलाड़ी मौजूद हैं इसके अलावा यह फाइनल मैच है स्कूल की इज्जत दांव पर लगी है मैं तुम्हें मौका देकर खतरा मोल नहीं ले सकता

लड़के ने मिन्नत  करते हुए कहा सर मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं आपके विश्वास को नहीं तोडूंगा मेरी आपसे विनती है कि आप मुझे खेलने दें

पहले लड़के को कभी इस तरह विनती करते हुए नहीं देखा था उसने कहा ठीक है बेटे जाओ खेलो लेकिन याद रखना कि मैंने यह निर्णय अपने ही बेहतर फैसले के खिलाफ लिया है

और स्कूल की इज्जत दांव पर लगी है मुझे शर्मिंदा ना होना

पड़े खेल शुरू हुआ

और लड़का तूफान की तरह खेला जब भी गेंद  उसे मिली उसने गोल  मार दिया कहना  होगा कि ओह लड़का उस मैच का  हीरो बन गया

उसकी टीम को शानदार जीत मिली खेल खत्म होने के बाद कोच ने उस लड़की के पास जाकर कहा बेटा में  इतना गलत कैसे हो सकता हूं

मैंने तुम्हें पहले कभी इस तरह खेलते हुए नहीं देखा यह चमत्कार कैसे हो सकता है तुम इतना अच्छा कैसे खेल सकते हो लड़के  ने जवाब दिया आज मेरे पिताजी मुझे खेलते हुए देख रहे थे

कोच  ने मुड़कर देखा जिस जगह उसके पिता जी बैठा करते थे  लेकिन वहां पर कोई नहीं बैठा था उसने पूछा बेटे तुम जब भी प्रैक्टिस करने आते थे तो तुम्हारे पिताजी वहां बैठा करते थे

लेकिन आज  वहां पर किसी को नहीं देख रहा हूं

लड़के ने उत्तर दिया कोच  मैंने आपको कभी नहीं बताया कि मेरे पिताजी अंधे थे 4 दिन पहले ही उनकी मृत्यु हो गई है आज पहली बार वह मुझे ऊपर से देख रहे हैं

कहानी का सार 

आत्मसम्मान उपलब्धि के एहसास जिम्मेदारी और विश्वास जैसे आंतरिक प्रेरणा व्यक्ति के अंदर से आती हैं इसका संबंध जीता सफलता से नहीं बल्कि यह तो किसी काम को पूरा करने से महसूस होने वाला होता है

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